इस महाविद्यालय की स्थापना वर्ष 2000 में हुई। उस समय पूरे क्षेत्र में उच्च शिक्षा की कोई ब्यवस्था नहीं थी । उच्च शिक्षा के लिए शहर की ओर जाने के अलावा छा़त्रों के लिए कोई विकल्प नहीं था फलतः बहुत कम लोग ही उच्च शिक्षा प्राप्त कर पाते थे। क्षेत्र में उच्च शिक्षा की महती आवश्यकता को देखते हुए क्षेत्र के प्रतिष्ठित लोगों ने एक डिग्री कालेज स्थापित करने का बीड़ा उठाया औरसंत लखनदास (नागा बाबा) पचोत्तर महाविद्यालय,तपेश्वरी नगर,मरदह,गाजीपुर (उ0प्र0) के रुप में उनका सपना साकार हुआ। अपने अनुशासन एवं शिक्षा की गुणवत्ता के कारण जिले में इस महाविद्यालय का विशेष स्थान है | महाविद्यालय वीर बहादुर सिंह विश्वविद्यालय जौनपुर से सम्बद्ध है |
संत लखनदास (नागा बाबा) पचोत्तर महाविद्यालय
संत लखनदास (नागा बाबा) पचोत्तर महाविद्यालय
इस कॉलेज की स्थापना गाजीपुर जिले के निवासियों और लड़कियों को उच्च शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है। इस कॉलेज का प्रबंधन उच्च स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह कॉलेज राष्ट्रीय राजमार्ग (मऊ-गाजीपुर रोड) से 2 किमी दूर स्थित है।
संत लखनदास (नागा बाबा) पचोत्तर महाविद्यालय
कॉलेज का प्रबंधन सोसाइटी अधिनियम, 1860 के तहत पंजीकृत माता तपेश्वरी शिक्षा प्रसारिणी समिति, मरदह, गाजीपुर नामक एक सोसायटी द्वारा किया जाता है। वर्तमान में कॉलेज में दो संकाय हैं शिक्षा संकाय और कला संकाय, इन संकायों के अंतर्गत कॉलेज बी.ए. और बी.एड. डिग्री पाठ्यक्रम चला रहा है।
संत लखनदास (नागा बाबा) पचोत्तर महाविद्यालय
एक मैत्रीपूर्ण, समावेशी, सीखने का माहौल प्रदान करना जहाँ सभी को सीखने और उपलब्धि पर गर्व हो।
लड़कों और लड़कियों में निरक्षरता और बेरोजगारी में कमी लाने में योगदान देना, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली वंचित आबादी में जीवन की गुणवत्ता और सामाजिक आर्थिक विकास में सुधार करना।
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इस कॉलेज का मिशन छात्रों को विविध संस्कृतियों वाले देश में ज्ञानवान, योगदान देने वाले नागरिक बनने के लिए तैयार करना है। इस शैक्षिक समूह के मिशन के लिए महत्वपूर्ण है शिक्षण और सीखने, शोध और रचनात्मक गतिविधि के माध्यम से नए ज्ञान की खोज करना। इस समूह की भूमिका प्राप्त सीखने और समझ को पोषित करना और बनाए रखना है।